टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत-श्रीलंका संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से शुरू होने वाला है। गत विजेता और दुनिया की नंबर-1 टीम इंडिया को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, लेकिन टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि चुनौती आसान नहीं होगी।

टीम चयन और स्पिन संयोजन — प्रमुख चिंता
रोहित शर्मा ने खासतौर पर टीम संयोजन (playing XI balance) को भारत के सामने सबसे बड़ी टैक्टिकल टेंशन बताया है। उनके मुताबिक, टीम मैनेजमेंट के सामने यह फैसला करना मुश्किल होगा कि कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को साथ खिलाया जाए या नहीं।
भारत के पास स्पिन विभाग में मजबूत विकल्प हैं, लेकिन दोनों स्पिनरों को एक-साथ उतारने पर टीम में तेज़ गेंदबाज़ों की संख्या घट जाएगी, जिससे बैलेंस प्रभावित हो सकता है।
बैलेंस को बरकरार रखना कठिन
रोहित ने बताया कि अगर कुलदीप और वरुण दोनों को साथ रखा जाता है, तो टीम को सिर्फ एक तेज़ गेंदबाज़ (जैसे जसप्रीत बुमराह) के साथ उतारना पड़ेगा। इससे तेज़ गेंदबाज़ विभाग में गहराई कम हो सकती है।
वे कहते हैं कि इस तरह के कठिन निर्णय कोच और कप्तान (सूर्यकुमार यादव) के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगे, क्योंकि किसी को बाहर रखना मतलब किसी अनुभवी खिलाड़ी को ड्रॉप करना होगा।
ओस को भी बताया अहम फैक्टर
रोहित ने कहा है कि ओस (dew) इस टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, खासकर शाम के मुकाबलों में। फरवरी-मार्च में ज्यादातर भारतीय मैदानों पर शाम में ओस का प्रभाव देखने को मिलेगा और यह बल्लेबाजी और गेंदबाजी की रणनीति पर असर डालेगा।
टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया की स्थिति
भारत ने 2024 में टी20 विश्व कप जीता था और 2026 के टूर्नामेंट में भी उसे मुख्य दावेदार माना जाता है। रोहित शर्मा के अनुसार चुनौतियाँ होने के बावजूद, भारतीय टीम के पास गहरा और संतुलित दस्ते है जो खिताब की उम्मीद को ज़िंदा रखता है।
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