Advertisement

संन्यास को लेकर केएल राहुल का साफ संदेश, करियर को जबरदस्ती नहीं खींचूंगा

KL Rahul's clear message on retirement: I won't force my career

भारतीय क्रिकेट टीम के सीनियर बल्लेबाज KL Rahul ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर और संभावित रिटायरमेंट को लेकर एक परिपक्व और स्पष्ट बयान दिया है। राहुल ने कहा है कि वह उस खिलाड़ी में से नहीं हैं जो करियर के अंत को अनावश्यक रूप से लंबा खींचे।

रिटायरमेंट को लेकर क्या बोले केएल राहुल?

एक इंटरव्यू में राहुल ने कहा,

“जब मुझे लगेगा कि अब समय आ गया है, तब मैं बिना किसी हिचकिचाहट के फैसला ले लूंगा। मैं चीज़ों को जबरदस्ती खींचने में विश्वास नहीं रखता।”

राहुल का यह बयान इस ओर इशारा करता है कि वह अपने करियर को लेकर भावनात्मक नहीं बल्कि व्यावहारिक और जिम्मेदार सोच रखते हैं।

मानसिक मजबूती को बताया सबसे बड़ी चुनौती

केएल राहुल ने यह भी स्वीकार किया कि प्रोफेशनल क्रिकेट में शारीरिक फिटनेस से ज्यादा मानसिक मजबूती की परीक्षा होती है।
उनके मुताबिक, चोट या खराब फॉर्म से ज्यादा कठिन वह समय होता है जब खिलाड़ी को खुद से ईमानदार होकर यह तय करना पड़ता है कि वह अब टीम के लिए कितना योगदान दे पा रहा है।

क्या यह संन्यास का संकेत है?

राहुल ने साफ किया कि उनका यह बयान तत्काल रिटायरमेंट का संकेत नहीं है। वह फिलहाल पूरी तरह क्रिकेट पर फोकस कर रहे हैं और भारतीय टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना चाहते हैं।
हालांकि, उन्होंने यह जरूर स्पष्ट किया कि जब वह खुद को टीम के लिए उपयोगी नहीं पाएंगे, तब सम्मानजनक तरीके से विदाई लेने में कोई संकोच नहीं करेंगे।

अनुभव और परिपक्वता की झलक

केएल राहुल का यह बयान आज के दौर में एक सीनियर खिलाड़ी की परिपक्व सोच और प्रोफेशनल अप्रोच को दर्शाता है। जहां अक्सर खिलाड़ी रिटायरमेंट के सवाल से बचते नजर आते हैं, वहीं राहुल ने इस विषय पर खुलकर और संतुलित तरीके से अपनी बात रखी है।

केएल राहुल का बयान यह साफ करता है कि वह अपने करियर को लेकर पूरी तरह सजग हैं। न तो जल्दबाज़ी और न ही बेवजह देरी—उनका मानना है कि सही समय पर सही फैसला ही खिलाड़ी की सबसे बड़ी पहचान होती है

यह भी पढ़ें – T20 वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर! पाकिस्तान बाहर तो बांग्लादेश की एंट्री तय?