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ParikshaPeCharcha 2026: 6.76 करोड़ लोगों ने एक साथ सुनी पीएम मोदी की बात!

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PM Modi Pariksha Pe Charcha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा 2026” ने इस बार इतिहास रच दिया, इस कार्यक्रम से देश-विदेश के करीब 6.76 करोड़ लोग एक साथ जुड़े, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है. खास बात यह रही कि पहली बार परीक्षा पे चर्चा दिल्ली के बाहर 5 शहरों में आयोजित की गई, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से सीधी बातचीत की. अब तक यह कार्यक्रम मुख्य रूप से दिल्ली केंद्रित रहा था, लेकिन 2026 में इसे एक नए स्वरूप में देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया गया.इससे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.

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5 शहरों में हुआ सीधा संवाद
इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के साथ-साथ देश के पांच अलग-अलग शहरों में मौजूद छात्रों से लाइव बातचीत की, इसका उद्देश्य शिक्षा और परीक्षा से जुड़े तनाव को सिर्फ राजधानी तक सीमित न रखकर, देश के हर कोने तक संवाद पहुंचाना था.

परीक्षा को तनाव नहीं, उत्सव बनाने की सीख
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को परीक्षा के डर से बाहर निकलने की सलाह दी, उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का अंत नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है, उन्होंने छात्रों से अपने लक्ष्य पर फोकस करने, समय प्रबंधन सीखने और खुद पर भरोसा रखने का आह्वान किया.

अभिभावकों और शिक्षकों को भी संदेश
प्रधानमंत्री ने सिर्फ छात्रों ही नहीं, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों को भी अहम संदेश दिया, उन्होंने कहा कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी तुलना दूसरों से करने से बचें. हर छात्र की अपनी क्षमता और गति होती है, जिसे समझना जरूरी है.

रिकॉर्ड भागीदारी ने बनाया खास
6.76 करोड़ की भागीदारी ने यह साफ कर दिया कि परीक्षा पे चर्चा अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों का राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है. सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली.

छात्रों में दिखा नया आत्मविश्वास
कार्यक्रम के बाद कई छात्रों ने कहा कि उन्हें परीक्षा को लेकर नया आत्मविश्वास मिला है, पीएम मोदी की सरल भाषा और अनुभवों से जुड़ी बातों ने छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाया. परीक्षा पे चर्चा 2026 न केवल एक संवाद कार्यक्रम रहा, बल्कि यह साबित कर गया कि सही मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच से परीक्षा का तनाव कम किया जा सकता है.

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