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SuryaArghya: सुबह-सुबह सूर्य को जल क्यों दिया जाता है? जानिए कारण

Morning surya puja

MorningRitual: हिंदू धर्म में सूर्य देव को ऊर्जा, जीवन और स्वास्थ्य का स्रोत माना गया है. प्राचीन काल से ही सुबह-सुबह सूर्य को जल (अर्घ्य) देने की परंपरा चली आ रही है, यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक और स्वास्थ्य से जुड़े कारण भी बताए जाते हैं.

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धार्मिक मान्यताएं क्या कहती हैं
शास्त्रों के अनुसार सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है, जिन्हें हर कोई देख सकता है, मान्यता है कि सूर्योदय के समय जल अर्पित करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. रोज सूर्य को अर्घ्य देने से मान-सम्मान, यश और आत्मविश्वास बढ़ता है.

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्व
सुबह की सूर्य किरणों में विटामिन-D प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों और प्रतिरक्षा तंत्र के लिए जरूरी है. जल चढ़ाते समय जब सूर्य की किरणें पानी से होकर आंखों तक पहुंचती हैं, तो इससे आंखों की रोशनी और मानसिक एकाग्रता बेहतर होने की बात कही जाती है. साथ ही, सुबह की धूप शरीर की जैविक घड़ी (Body Clock) को संतुलित करती है.

स्वास्थ्य से जुड़े लाभ
नियमित रूप से सूर्य को जल देने की आदततनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है, रक्त संचार को बेहतर बनाती है. ऊर्जा और सक्रियता बढ़ाती है, दिन की शुरुआत अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ होती है.

सामाजिक और मानसिक प्रभाव
सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल देना व्यक्ति को नियमित, संयमी और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है, इससे मन में धैर्य, शांति और आत्मबल का विकास होता है.

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