Advertisement

Mathura: सड़क पर ‘संग्राम’, कांग्रेसियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प, FIR दर्ज

मथुरा: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और ऐतिहासिक धरोहर को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाए जाने का मामला अब मथुरा की सड़कों पर सुलग उठा है। शनिवार को विरोध प्रदर्शन करने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प हुई। हालात बेकाबू होते देख कांग्रेसियों ने सड़क जाम कर दी, जिसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला अध्यक्ष सहित कई नेताओं के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।

IND U19 vs NZ U19: वैभव और आयुष की तूफानी बल्लेबाज़ी से भारत ने न्यूजीलैंड को हराया

T20 World Cup : बांग्लादेश के बाद अब पाक भी होगा बाहर! ट्रॉफी चोर नकवी ने ICC पर लगाए आरोप

डैंपियर नगर में हाई वोल्टेज ड्रामा

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता डैंपियर नगर स्थित अहिल्याबाई पार्क में जमा हुए थे। यहां से कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए कूच कर रहे थे। हालांकि, पहले से मुस्तैद मथुरा पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। जब कार्यकर्ताओं ने घेरा तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। काफी देर तक चले इस हंगामे के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

‘पिछड़ों के अपमान’ पर सियासी आर-पार

कांग्रेस का सीधा आरोप है कि योगी सरकार ने विकास के नाम पर जानबूझकर राजमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर बुलडोजर चलवाया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजमाता पाल-गड़रिया समाज का गौरव थीं और उनकी विरासत को मिटाने की कोशिश पिछड़े समाज के स्वाभिमान पर चोट है। कांग्रेस का दावा है कि इस घटना से पूरे प्रदेश के पाल समाज में भारी रोष है।

सरकार बौखला गई है: मुकेश धनगर

जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर ने पुलिसिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “राहुल गांधी के निर्देश पर हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने दमनकारी नीति अपनाई। यह साबित करता है कि योगी सरकार विपक्ष की एकजुटता से डर गई है और बौखलाहट में मुकदमे दर्ज कर रही है।”

वाराणसी की इस घटना ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जातीय और राजनीतिक समीकरणों को गरमा दिया है। एक तरफ जहां बीजेपी विकास का हवाला दे रही है, वहीं कांग्रेस इसे ‘महापुरुषों के अपमान’ का मुद्दा बनाकर पिछड़े वर्ग के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश में है।