बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश सरकार जिस तरह से भ्रष्टाचार पर कठोर कदम उठाती नजर आती है और नौकरशाही को स्पष्ट रूप से निर्देशित करने के बाद भी अधिकारी सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं. बुलंदशहर में पीडब्ल्यूडी की प्रांतीय खंड से संबंधित पुलियों पर तथ्यों को छुपा कर सरकार को गुमराह कर प्रमुख सचिव के आदेशों की जिस तरह से धज्जियां उड़ाई गई और बजट को पास कर लिया गया। सहारा समय के द्वारा जब इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया और इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेनी चाहिए तो स्पष्ट रूप से मना कर दिया गया की कोई भी सूचना हम आपको नहीं देंगे। सहारा समय की टीम 02 जनवरी 2026 को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर पहुंची वहां संबंधित पुलियों का जिक्र और अन्य रोड़ों का जिक्र अधीक्षण अभियंता से किया गया उन्होंने समस्त कार्यों को नोट करने के लिए कर्मचारी को कहा और उनके द्वारा यह सभी कार्य नोट किए गए। लेकिन अब तक ना तो इस पर जांच कराई गई है ना ही कोई करवाई अमल में लाई गई है खबर प्रकाशित होने पर जैसा कि सहारा समय ने अंदेशा जताया था की टेंडर को कैंसिल किया जा सकता है। आनन फानन में 2 जनवरी 2026 में टेंडर को कैंसिल कर दिया गया।
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सिंचाई विभाग के स्वामित्व की जमीनों पर पीडब्ल्यूडी का खेल
बुलंदशहर जनपद में उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा शासनादेश तथा नियम अनुसार कार्य कराए जाने पर पूर्ण रूप से बोल दिया गया है और भ्रष्टाचार से दूर रहने की नसीहत स्पष्ट रूप से अधिकारियों को दी गई है लेकिन अधिकारी को यह बात कही सुनी लगती है। बताते चलें शासनादेश संख्या 997/2023/आई/419192/23-1-23/23-1002(002)/212/2023 दिनांक 01 नवंबर 2023 के अनुसार शासनादेश के क्रम संख्या 914 पर अंकित प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी बुलंदशहर द्वारा दरियापुर से दोस्तपुर गंगेरूवा संपर्क मार्ग की विशेष मरम्मत का कार्य कराया गया जिसकी लंबाई 5.40 किमी0 तथा कार्य पर व्यय की गई धनराशि 66.10 लाख है। वहीं इसी रोड पर संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा शासनादेश संख्या 79/2025/आई/1167003/2025/001-23-7099(099)/59/2025 दिनांक 08 दिसंबर 2025 के द्वारा पुनः क्रम संख्या 6 पर अंकित बुलंदशहर में दरियापुर दोस्तपुर गंगेरूआ खेतलपुर भासौली मार्ग के चैलेंज जीरो से 5.400 किलोमीटर में सड़क निर्माण कार्य के लिए धनराशि 1025.75 लाख पास करा ली गई। सड़क पर पूरी तरह से 2 वर्ष की अवधि पूर्ण नहीं होने दी। यह कार्य सिंचाई विभाग के बम्बे की पटरी पर सड़क निर्माण का है।
सहारा समय के द्वारा जब सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारी से जानकारी दूरभाष पर की गई तो उनके द्वारा भी इसी सड़क इसी चैलेंज में 2024 में सड़क निर्माण कार्य कराए जाने की पुष्टि की गई। स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है वर्ष 2023, 2024 और 2025 में लगातार एक ही रोड पर दो विभागों द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
क्या एक ही रोड पर प्रत्येक वर्ष कार्य कराया जाना संभव है?
क्या एक ही रोड पर प्रत्येक वर्ष कार्य कराया जाना संभव है? अगर संभव है तो किस नियम के तहत संभव है? जबकि प्रमुख सचिव के आदेशों के अनुसार डीएलपी के अंतर्गत आने वाली सड़कों का प्रस्ताव शासन को भेजने के लिए स्पष्ट रूप से मना किया हुआ है अगर प्रस्ताव भेजा जाता है तो उसे पर कठोर कार्रवाई की बात कही गई है। ऐसी एक ही रोड नहीं है. अगर शासन स्तर पर संबंधित विभाग की उच्च स्तरीय जांच होती है तो भ्रष्टाचार के मामले में हो सकता है संबंधित विभाग उच्च कीर्तिमान पर स्थापित हो?
सहारा समय का सवाल
- सड़कों पर हो रहे भ्रष्टाचार डीएलपी के अंतर्गत आने वाली सड़कों पर भी लगातार भेजे जा रहे प्रस्तावों पर कौन जिम्मेदार?
- जनपद स्तर पर किसकी जवाब देगी? मीडिया किसे पूछे सवाल?
- आखिर कब होगी ऐसे अधिकारियों की जांच?
- सहारा समय द्वारा उठाए गए मुद्दों पर कब बनेगी जांच कमेटी? भ्रष्ट अधिकारियों पर कब होगी कार्रवाई?
- शासनादेश में स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी बिना एनओसी लिए किसके इशारों पर हो रहे हैं प्रस्ताव पास? नियमों की कैसे हो रही है अनदेखी?
- एक ही सड़क को 3 वर्ष में क्या तीन बार बनाया जाना संभव है क्या यह जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं?
उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर में जिस तरह से विभागों के लिए खेल चल रहे हैं और सरकार की नीतियों के विपरीत जाकर के अधिकारी खेल खेल रहे हैं आखिर ऐसे अधिकारियों पर कब शिकंजा कसा जाएगा या सरकार के पैसे का जनता के पैसे का ऐसे अधिकारी यूंही करते रहेंगे दुरुपयोग। भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों की जांच कब?
रिपोर्ट- उदय यादव, सहारा समय, बुलंदशहर























