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Basant Panchami 2026: पीले कपड़े पहनने की परंपरा और महत्व

Importance of wearing yellow clothes

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी का पर्व माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को यानी आज बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. हर साल बसंत पंचमी पर लोग पीले कपड़े पहनते हैं, यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व वाला दिन है. बसंत पंचमी को मां सरस्वती की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है. ज्ञान, विद्या और कला की देवी के सम्मान में श्रद्धालु पीले रंग के वस्त्र पहनते हैं और पीले फूल चढ़ाते हैं.

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पीला रंग क्यों है खास?
पीला रंग बसंत ऋतु, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, हिंदू धर्म में यह रंग मां सरस्वती और ज्ञान से जुड़ा माना जाता है. पीला रंग सूर्य की किरणों के समान उज्जवलता और ज्ञान का प्रतीक है, इसलिए बसंत पंचमी पर पीले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है.

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
पीला रंग सुर्यदेव का प्रतीक भी माना जाता है, जो जीवन में ऊर्जा और उत्साह लाता है, विद्यार्थी अपनी किताबों और कलम के साथ पीले वस्त्र पहनकर मां सरस्वती की पूजा करते हैं, यह दिन बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी है, इसलिए पीला रंग वसंत और नई शुरुआत का संदेश देता है.

पीले कपड़ों के साथ अन्य परंपराएं
बसंत पंचमी पर लोग पीले फूल चढ़ाते हैं, पीला प्रसाद बनाते हैं और अपने घर व मंदिरों को पीले रंग की सजावट से सजाते हैं, कुछ क्षेत्रों में पीली रंग की मिठाइयों और पकवानों का भी प्रचलन है.

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