SaraswatiPujaTips: मां सरस्वती को विद्या, बुद्धि, वाणी और कला की देवी माना जाता है. विद्यार्थियों से लेकर लेखक, शिक्षक और कलाकार तक, हर कोई उनकी कृपा चाहता है. खासतौर पर बसंत पंचमी और परीक्षा के समय घर में मां सरस्वती की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है. अगर पूजा सही विधि से की जाए, तो इसका फल शीघ्र मिलता है.
http://O’Romeo Trailer Launch Event: शाहिद कपूर पर भड़के नाना पाटेकर, गुस्से में छोड़ा इवेंट
घर में सरस्वती पूजा का शुभ समय
प्रातःकाल स्नान के बाद या ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करना उत्तम माना जाता है, बसंत पंचमी के दिन पूजा का विशेष महत्व होता है, लेकिन सामान्य दिनों में भी श्रद्धा से पूजा की जा सकती है.
पूजा के लिए आवश्यक सामग्री
मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र, सफेद या पीला वस्त्र, पीले या सफेद फूल, धूप, दीप, अगरबत्ती, कलम, किताब, कॉपी
मिठाई (खीर या बेसन के लड्डू).
पूजा करने की सही विधि
घर के पूजा स्थल को साफ कर सफेद या पीला कपड़ा बिछाएं, मां सरस्वती की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें, दीपक जलाकर धूप-अगरबत्ती अर्पित करें, कलम और किताब मां के चरणों में रखें, “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का 11 या 21 बार जप करें, फूल और मिठाई अर्पित कर प्रार्थना करें, पूजा के बाद प्रसाद सबको बाँटें.
पूजा में किन बातों का रखें ध्यान
पूजा के समय घर में शांति रखें, गलत शब्दों, झूठ और क्रोध से बचें, पूजा वाले दिन पढ़ाई करना शुभ माना जाता है, मांस-मदिरा और तामसिक भोजन से दूरी रखें.
बच्चों के लिए विशेष उपाय
अगर बच्चों की पढ़ाई कमजोर है, तो पूजा के बाद उन्हें मां सरस्वती के सामने बैठाकर पहला अक्षर लिखवाना या कोई मंत्र बुलवाना लाभकारी माना जाता है.
धार्मिक मान्यता
धर्माचार्यों के अनुसार, घर में विधिपूर्वक की गई सरस्वती पूजा से स्मरण शक्ति बढ़ती है, एकाग्रता आती है और ज्ञान में निरंतर वृद्धि होती है.
ये भी पढ़े-http://BasantPanchami2026: इस मंत्र को बसंत पंचमी पर 11 बार जप लिया तो विद्या वर्षा!


























