MauniAmavasya2026: मौनी अमावस्या हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र पर्व माना जाता है. इस दिन मौन व्रत, स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है. शास्त्रों के अनुसार, मौनी अमावस्या पर किए गए कर्म सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देते हैं, आइए जानते हैं कि शास्त्र मौनी अमावस्या पर क्या-क्या करने का स्पष्ट आदेश देते हैं.
Patna : छात्रा से बलात्कार-हत्या! राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह का धरना, बिहार कानून पर सवाल
मौनी अमावस्या पर ये जरूर करें
मौन व्रत का पालन करें- मौनी अमावस्या का मुख्य नियम मौन व्रत है। पद्म पुराण और धर्मसिंधु ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि इस दिन वाणी पर संयम रखने से मन शुद्ध होता है और पापों का क्षय होता है. जो व्यक्ति पूरे दिन मौन नहीं रह सकता, वह कम से कम सुबह से दोपहर तक मौन व्रत रख सकता है.
पवित्र स्नान करें- शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान को अत्यंत पुण्यकारी बताया गया है. यदि संभव हो तो गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान करें, घर पर स्नान करते समय जल में गंगाजल मिलाना भी शुभ माना गया है.
अन्न दान अवश्य करें- गरुड़ पुराण के अनुसार, मौनी अमावस्या पर अन्न दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन से दरिद्रता दूर होती है. भूखे, निर्धन, साधु या ब्राह्मण को श्रद्धापूर्वक भोजन कराना श्रेष्ठ फल देता है.
पितृ तर्पण करें– मौनी अमावस्या पितरों को समर्पित दिन भी माना जाता है. शास्त्रों में इस दिन पितृ तर्पण करने का विशेष विधान है, इससे पितृ दोष से मुक्ति और परिवार में सुख-शांति का आशीर्वाद मिलता है.
जप-तप और ध्यान करें- शास्त्रों के अनुसार, मौन के साथ किया गया मंत्र जप और ध्यान शीघ्र फलदायी होता है, “ॐ नमः शिवाय” या गायत्री मंत्र का जप विशेष लाभ देता है.
सात्विक जीवनशैली अपनाएं- मौनी अमावस्या पर तामसिक भोजन, नकारात्मक विचार और क्रोध से दूर रहने की सलाह दी गई है. शास्त्र कहते हैं कि इस दिन सात्विक आहार और शुद्ध आचरण पुण्य को कई गुना बढ़ा देता है.
यह भी पढ़े-http://MauniAmavasya2026: पर अन्न दान या वस्त्र दान? जानिए शास्त्र क्या कहते हैं


























