मुंबई, 17 जनवरी 2026: ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान के बॉलीवुड में काम न मिलने के ‘कम्युनल’ वाले बयान पर सिंगर शान ने कड़ा रुख अपनाया है। शान ने कहा कि म्यूजिक इंडस्ट्री में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है और रहमान जैसे दिग्गज को काम न मिलना उनकी अपनी सोच का मामला है। इस बयान ने बॉलीवुड संगीत जगत में बहस छेड़ दी है ।
रहमान का दावा: 8 साल से पावर शिफ्ट और कम्युनल व्हिस्पर्स
एआर रहमान ने BBC Asian Network को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि पिछले 8 सालों से उन्हें हिंदी फिल्मों में कम काम मिल रहा है। उन्होंने इसे ‘पावर शिफ्ट’ और ‘कम्युनल चाइनीज व्हिस्पर्स’ से जोड़ा, जहां क्रिएटिव न होने वाले लोगों के हाथ में सत्ता आ गई है। रहमान ने कहा कि वो अब हिंदी प्रोजेक्ट्स के पीछे नहीं भागते, बल्कि काम उनके पास खुद आना चाहिए। इस बयान ने शंकर महादेवन, अनूप जलोटा और अब शान जैसे दिग्गजों की प्रतिक्रिया खींच ली ।
शान का जवाब: ‘मुझे भी काम नहीं मिलता, पर व्यक्तिगत नहीं लेता’
IANS को दिए इंटरव्यू में शान ने रहमान के दावे को खारिज करते हुए कहा, “लोगों की अपनी राय होती है, वो हमेशा बंटे रहेंगे। लेकिन संगीत में सांप्रदायिकता नहीं चलती।” उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें भी कई बार काम नहीं मिलता, फिर भी वो इसे निजी नहीं लेते। शान ने जोर देकर कहा कि रहमान जैसे सुपरस्टार को अगर दिक्कत होती तो अल्पसंख्यक संगीतकारों की 30 सालों में इतनी सफलता न मिलती। “हर गाने के पीछे एक सोच होती है, हमें इसमें उलझना नहीं चाहिए,” उन्होंने सलाह दी ।
अन्य सिंगर्स की राय: अनूप जलोटा और शंकर महादेवन ने किया इनकार
अनूप जलोटा ने रहमान के बयान को गलत ठहराते हुए कहा कि उन्होंने 25 सालों में कम समय में ही इतना नाम कमाया, जो बड़ी बात है। शंकर महादेवन ने स्पष्ट किया कि गीत बनाने वाले और रिलीज फैसला लेने वाले अलग होते हैं, अक्सर फैसला लेने वाले संगीत से अनजान होते हैं। ये प्रतिक्रियाएं बता रही हैं कि इंडस्ट्री में क्रिएटिव मेरिट ही राज करता है, न कि कोई भेदभाव ।
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