बिहारशरीफ। नालंदा जिला सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार का नया सुपरपावर बनने को तैयार है। जिलाधिकारी के नेतृत्व में आयोजित नालंदा सौर ऊर्जा अग्रदूत सम्मान समारोह ने पूरे जिले में नई ऊर्जा का संचार कर दिया।

टाउन हॉल में सौर क्रांति का महासम्मेलन
बिहारशरीफ टाउन हॉल में हुए भव्य समारोह में DM ने साफ संदेश दिया- नालंदा सिर्फ ज्ञानभूमि नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा से न केवल बिजली बिल शून्य हो सकता है, बल्कि आम नागरिक भी ऊर्जा उत्पादक बन जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत से जोड़ा सौर ऊर्जा का महत्व
DM ने सौर ऊर्जा को पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत से जोड़ा। “भारत की प्रचुर धूप प्रकृति का दिया अनमोल तोहफा है। इसका अधिकतम उपयोग समय की मांग है,” उन्होंने कहा। सौर पैनल लगाने से घर-घर बिजली बिल खत्म हो जाएगा।

उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को सम्मान
कार्यक्रम में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ऊर्जा विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। नालंदा अब सौर क्रांति का केंद्र बन चुका है।
रिपोर्ट: वीरेंद्र कुमार, नालंदा
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