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CityofBamboo: कहलाने के पीछे छुपा है इतिहास

Banswara history

BanswaraHistory: भारत के राजस्थान राज्य में स्थित बांसवाड़ा को इसके खास नाम “City of Bamboo” के लिए जाना जाता है. यह उपनाम केवल किसी सुंदरता या पर्यावरण से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक लंबा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कारण है.

क्यों कहा जाता है ‘City of Bamboo’?
बांसवाड़ा का नाम ही इसके जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा है, ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र घने बांस के जंगलों के लिए प्रसिद्ध रहा है. यहां का बांस न केवल स्थानीय जीवन का हिस्सा रहा है, बल्कि यह लकड़ी, निर्माण सामग्री और हथकरघा उद्योग के लिए भी उपयोगी रहा है.

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ऐतिहासिक महत्व
इतिहास में बांसवाड़ा को रावली प्रदेश के रूप में जाना जाता था. यहाँ के राजा और शासक बांस के उत्पादन और व्यापार में काफी रुचि रखते थे, बांस के जंगलों ने स्थानीय निवासियों को रोजगार और जीविका का स्रोत प्रदान किया, यही कारण है कि समय के साथ यह शहर “City of Bamboo” के नाम से लोकप्रिय हो गया.

सांस्कृतिक और आर्थिक योगदान
बांसवाड़ा की संस्कृति में बांस का विशेष महत्व रहा है. लोक कला, संगीत, हथकरघा और बांस से बने घरेलू सामान यहाँ की पहचान हैं. इसके अलावा, बांस का व्यापार और हस्तशिल्प स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है, पर्यटक भी यहाँ बांस से बने अद्वितीय उत्पाद देखने और खरीदने आते हैं.

प्राकृतिक सौंदर्य
बांसवाड़ा की हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य इसे और भी आकर्षक बनाता है, यहाँ के जंगल और बांस के पेड़ न केवल पर्यावरणीय महत्व रखते हैं, बल्कि शांति और सुकून के लिए भी जाने जाते हैं. यह क्षेत्र राजस्थान के अन्य शुष्क क्षेत्रों से बिल्कुल अलग है और पर्यावरण प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है.

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