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Etah: ‘अब मैं कहां जाऊं, मम्मी की अर्थी कौन उठाएगा?’ माँ की लास पर रोया 10 साल का मासूम

Etah: 'Where do I go now? Who will carry my mother's bier?' A 10-year-old boy wept over his mother's body.

एटा, उत्तर प्रदेश। एटा पोस्टमार्टम हाउस से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर दिया। 10 वर्षीय मासूम सनी अपनी मां नीलम की लाश के पास फूट-फूटकर रो रहा है। आंसुओं से भीगा उसका चेहरा सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है- ‘अब मैं कहां जाऊं?’

पिता की मौत के 7 महीने बाद मां ने भी तोड़ा साथ

सनी ने बताया कि करीब 7 महीने पहले उसके पिता सुरेंद्र की मौत HIV संक्रमण से हो गई थी। पिता के बाद मां नीलम ही उसका एकमात्र सहारा बची थीं। लेकिन नियति ने वह सहारा भी छीन लिया। करीब एक हफ्ते से एटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती मां की आज इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मां की मौत भी HIV संक्रमण के कारण हुई।

पोस्टमार्टम हाउस पर मां की मृत देह के पास खड़ा सनी कभी रोता है, कभी लोगों की ओर मदद भरी नजरों से देखता है। लेकिन उसके साथ खड़ा होने वाला कोई नहीं। रोते हुए उसने कहा, “मेरे पापा मर गए थे… अब मम्मी भी चली गईं… अब मैं कहां जाऊं… मम्मी की अर्थी कौन उठाएगा?”

चाचा पर जमीन हड़पने का गंभीर आरोप

मासूम का दर्द यहीं खत्म नहीं होता। सनी ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसके चाचा उसे मारकर जमीन हड़पना चाहते हैं। एक तरफ मां-बाप की मौत का गम, दूसरी तरफ जान का डर और ऊपर से पूरा अकेलापन। सनी की एक बड़ी बहन भी है, जो इस वक्त मौजूद नहीं है।

समाज और प्रशासन के सामने बड़ा सवाल

पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि प्रशासन, समाज और सिस्टम के सामने खड़ा सवाल है। जब एक मासूम के सिर से मां-बाप दोनों का साया उठ जाए, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन आगे आएगा? क्या समाज इस बच्चे की पुकार सुनेगा?

फिलहाल, एटा पोस्टमार्टम हाउस पर मां की डेड बॉडी रखी है। मासूम सनी अपनी मां की अर्थी को लेकर रास्ता तलाश रहा है, लेकिन मंजिल का कोई पता नहीं।

रिपोर्टर- करन प्रताप सिंह

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