Moradabad : वैश्विक जंग और अमेरिकी टैक्स की मार से मुरादाबाद के पीतल निर्यात में 50% तक गिरावट आ गई है। दुनिया भर में चल रहे रूस-यूक्रेन तथा इजरायल-गाजा युद्ध के कारण सप्लाई चेन बाधित हो गई है, जबकि अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के नाम पर भारत पर भारी टैरिफ लगा दिए हैं । इससे ऑर्डर कैंसल हो रहे हैं और कारोबार ठप्प होने की कगार पर पहुंच गया है।
निर्यात पर पड़ी मार
मुरादाबाद की पीतल इंडस्ट्री मुख्य रूप से अमेरिका को निर्यात करती है, जहां 50% तक टैरिफ लगने से 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है । पहले 100 करोड़ रुपये मासिक का कारोबार अब 60% घटकर न्यूनतम स्तर पर सिमट गया है, खासकर क्रिसमस और न्यू ईयर सीजन में ऑर्डर रद्द होने से । हालिया अमेरिका-वेनेजुएला तनाव ने भी 80 करोड़ के सामान को रास्ते में अटका दिया है ।
मजदूरों का बुरा हाल
ऑर्डरों की कमी से फैक्ट्रियों में छंटनी शुरू हो गई है, जिससे हजारों कारीगर बेरोजगार हो गए हैं । लाखों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है, और छोटे उद्योग बंद होने की नौबत आ गई है । निर्यातक अवधदेश अग्रवाल जैसे व्यापारी बताते हैं कि ट्रंप प्रशासन के कदमों से उद्योग की चमक फीकी पड़ गई है ।
नए बाजारों की तलाश
संकट से बचने के लिए निर्यातक अब अमेरिका-यूरोप के बजाय सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे मिडिल ईस्ट देशों पर नजरें गड़ा रहे हैं । सरकार से राहत पैकेज और राजनयिक हस्तक्षेप की मांग तेज हो गई है, ताकि वैकल्पिक बाजारों में पहुंच बढ़ सके । यदि हालात नहीं सुधरे तो पीतल नगरी की अर्थव्यवस्था वेंटिलेटर पर पहुंच सकती है।
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