MakarSankrantiDaan: मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाता है. यह दिन दान, पुण्य, स्नान और सूर्य उपासना के लिए विशेष माना जाता है, लेकिन शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार, मकर संक्रांति पर कुछ चीजों का दान करने से पुण्य के बजाय परेशानी भी आ सकती है. ऐसे में जानना जरूरी है कि कौन-से दान इस पावन दिन पर वर्जित माने गए हैं.
Maharajganj : एंटी-करप्शन के ट्रैप ऑपरेशन में 50 हजार रिश्वत लेते दरोगा जी धराये
मकर संक्रांति पर दान का महत्व
मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है. तिल, गुड़, अनाज, वस्त्र और पात्र दान करना शुभ माना जाता है. लेकिन अगर दान में गलत वस्तु या गलत भावना जुड़ जाए, तो इसका नकारात्मक असर जीवन पर पड़ सकता है.
इन चीजों का दान बन सकता है परेशानी की वजह
1. काले कपड़े– मकर संक्रांति सूर्य देव को समर्पित पर्व है. काले रंग को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है, इस दिन काले कपड़ों का दान करने से मानसिक तनाव और आर्थिक रुकावटें आ सकती हैं.
2. जूते-चप्पल- शास्त्रों में जूते-चप्पल का दान अशुभ माना गया है, खासकर पर्व के दिन. ऐसा करने से मान-सम्मान और स्थिरता पर असर पड़ सकता है.
3. नमक- नमक का दान किसी भी शुभ अवसर पर वर्जित माना जाता है, मान्यता है कि इससे घर की सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा कम हो जाती है.
4. टूटी या पुरानी वस्तुएं- दान हमेशा नई या उपयोग योग्य वस्तुओं का करना चाहिए. टूटे बर्तन, फटे कपड़े या खराब सामान का दान दुर्भाग्य को आमंत्रण दे सकता है.
5. धारदार वस्तुएं- चाकू, कैंची जैसी धारदार वस्तुओं का दान रिश्तों में कटुता और विवाद को बढ़ा सकता है.
कौन-सा दान है सबसे शुभ?
मकर संक्रांति पर तिल-गुड़, चावल, गेहूं, पीले वस्त्र, कांसे या तांबे के पात्र और गुड़ से बने व्यंजन का दान अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है.
ये भी पढ़े-LohriFestival 2026: ये त्योहार किन-किन राज्यों से जुड़ा है?


























