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मुरादाबाद: छतों पर उतरी ‘सौर-क्रांति’, ₹5000 का बिजली बिल अब हुआ शून्य

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेशवासियों को बढ़ती महंगाई और बिजली के भारी बिलों से निजात दिलाने के लिए ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को मिशन मोड पर चला रही है। मुरादाबाद जिले में इस योजना का असर जमीन पर दिखने लगा है, जहां हजारों परिवारों का बिजली बिल अब ‘शून्य’ होने लगा है। जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) गोविंद पाठक के अनुसार, जिले में वर्ष 2024 से 2026 के बीच 7,238 लोगों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य है, जिसमें से 3,054 घरों में सोलर पैनल सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं।

ग्राउंड जीरो पर जब लाभार्थियों से बात की, तो सामने आया कि जिस घर का बिल पहले 3 से 5 हजार रुपये आता था, वहां अब केवल 200-300 रुपये का मामूली सर्विस चार्ज आ रहा है।

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केस स्टडी-1: 5 हजार का बिल हुआ ‘शून्य’

लाडावाली गांव के रोहित कुमार कसाना ने बताया, “मोबाइल पर विज्ञापन देखा और 3 किलोवाट का पैनल लगवाया। पहले हर महीने 4 से 5 हजार रुपये बिजली में चले जाते थे, लेकिन पिछले 4 महीनों में कुल 800 रुपये बिल आया है। तीन महीने तो बिल शून्य ही रहा। केंद्र और राज्य की सब्सिडी भी समय पर खाते में आ गई।”

केस स्टडी-2: आवेदन के 15 दिन में मिली राहत

जवाहर नगर की आशा देवी कहती हैं, “अखबार से जानकारी मिली और आवेदन किया। मात्र 15 दिन के भीतर पैनल लग गया। अब उम्मीद है कि इस महीने से बिजली की बचत से घर का बजट सुधर जाएगा।” रतनपुर के मोहसिन का भी यही कहना है, सोलर लगने के डेढ़ महीने बाद से उन्हें बिल की टेंशन खत्म हो गई है।

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सिर्फ 25 हजार में अपना ‘बिजली घर’
डीडीओ ने बताया कि जागरूकता शिविरों के माध्यम से लोगों का यह भ्रम दूर किया गया है कि सोलर पैनल लगवाना महंगा सौदा है। योगी सरकार की नीतियों के कारण आज गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपनी छत पर बिजली घर बना सकता है।

  • 1 किलोवाट का प्लान: कुल खर्च ₹70 हजार, जिसमें ₹45 हजार तक की सब्सिडी मिल जाती है। उपभोक्ता को केवल ₹25 हजार रुपये ही देने होते हैं।
  • 2 किलोवाट का प्लान: करीब ₹1.2 लाख के खर्च पर ₹90 हजार की सब्सिडी मिल रही है। यहां भी उपभोक्ता की जेब पर मात्र ₹30 हजार का भार आता है।
  • 3 किलोवाट का प्लान: ₹1.5 लाख के खर्च पर केंद्र और राज्य को मिलाकर ₹1.08 लाख की भारी सब्सिडी दी जा रही है।
  • सुविधा: 3 किलोवाट से ऊपर हर किलोवाट पर लगभग ₹50 से ₹65 हजार का खर्च बढ़ता है, लेकिन सब्सिडी ₹1.08 लाख पर स्थिर रहती है। जो लोग एकमुश्त पैसा नहीं दे सकते, उनके लिए सरकार ने आसान ईएमआई (किस्त) की सुविधा भी दी है।

सरकारी कार्यालयों और शहरों में भी ‘सोलर’ का दबदबा

योगी सरकार केवल घरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी संस्थानों को भी सोलर ऊर्जा से लैस कर रही है। मुरादाबाद के आठों विकास खंड कार्यालयों और विकास लोक भवन (25 किलोवाट) में सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। अटल आवासीय विद्यालय में 175 किलोवाट का विशाल प्लांट लगा है। नगर निगम को ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करने के लिए ₹2.59 करोड़ की कार्ययोजना को नेडा से स्वीकृति मिल चुकी है।

25 साल की छुट्टी, 5 साल की गारंटी: सरकार द्वारा लगाए जा रहे इन पैनल्स की क्षमता 25 साल की है और 5 साल तक की फुल वारंटी दी जा रही है, जिसमें खराब उपकरण को तुरंत बदला जाता है। ऑन-ग्रिड सिस्टम होने के कारण अतिरिक्त बिजली विभाग को वापस चली जाती है, जिससे उपभोक्ता का आर्थिक लाभ और बढ़ जाता है।