लखीसराय, 10 जनवरी 2026: बिहार विधानसभा के पूर्व स्पीकर डॉ. गुलाम सरवर की 100वीं जयंती को उर्दू दिवस के रूप में इंग्लिश मुहल्ला के सामुदायिक भवन में धूमधाम से मनाया गया। उर्दू बेदार कमिटी के आयोजन में प्रमुख हस्तियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह का उद्घाटन किया।

प्रमुख अतिथियों ने किया उद्घाटन, कमिटी अध्यक्ष ने किया स्वागत
वेद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. ओमप्रकाश, एमपीएस प्लस टू हाई स्कूल प्राचार्य डॉ. संजय कुमार, परिवर्तनकारी शिक्षक संघ अध्यक्ष अनंत कुमार यादव, प्लस टू हाई स्कूल बिलौरी प्राचार्य हसीबुर्रहमान, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. लक्ष्मी प्रसाद सिंह, कृष्णदेव प्रसाद और रंजीत कुमार सम्राट ने संयुक्त रूप से दीप जलाए। उर्दू बेदार कमिटी के संस्थापक एवं पूर्व वार्ड पार्षद मुहम्मद फैयाज अलम ने अध्यक्षता की। सभी अतिथियों को माला और चादर भेंट कर सम्मानित किया गया।

डॉ. ओमप्रकाश: उर्दू को दूसरी आधिकारिक भाषा दिलाने वाले रहनुमा
मुख्य अतिथि डॉ. ओमप्रकाश ने कहा, “डॉ. गुलाम सरवर कुशल राजनेता, पत्रकार और मुसलमानों के बड़े रहनुमा थे। बेगूसराय की क्रांतिकारी धरती से निकले वे शिक्षा-कृषि मंत्री से विधानसभा स्पीकर तक पहुंचे।” उन्होंने उर्दू को बिहार की द्वितीय आधिकारिक भाषा दिलाने के उनके संघर्ष की सराहना की। डॉ. सरवर ने संगम, नौजवान, साथी अखबारों से निष्पक्ष पत्रकारिता की मिसाल कायम की।

उर्दू कवियों की प्रस्तुतियां: शायरी और नवकाव्य का जलवा
समारोह में उर्दू के नब्ज शायर, कवि और नवकवयित्री अदिति मिश्रा ने काव्य पाठ किया। अब्दुल्ला रहमानी, मुहम्मद रहमत, कामरान अल्वी, फैयाज मिस्वती और अब्दुल लतीफ समेत दर्जनों विद्वानों ने डॉ. सरवर की नीतियों-सिद्धांतों की प्रशंसा की। कार्यक्रम उर्दू प्रेम और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना।

डॉ. गुलाम सरवर की जयंती ने लखीसराय में उर्दू भाषा के संरक्षण का संकल्प दिलाया। ऐसे आयोजन साहित्यिक विरासत को जीवंत रखेंगे।
रिपोर्ट : कृष्णदेव/लखीसराय
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