महराजगंज: जिले के निचलौल ब्लॉक की भेड़िया ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत बनाए गए पार्क में कथित अनियमितताओं की जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर गठित जांच टीम ने सोमवार को गांव पहुंचकर पूरे मामले की तहकीकात की।
जांच टीम का नेतृत्व डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह ने किया, उनके साथ सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनतनू चौधरी भी मौजूद रहे। टीम के पहुंचने से पहले ही पार्क की साफ-सफाई और रंग-रोगन के कार्य तेजी से कराए गए थे।
पार्क में 32 लाख रुपये के कार्यों की जांच
दोपहर करीब 12 बजे जांच टीम ने मनरेगा पार्क का भौतिक सत्यापन किया और निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। टीम ने संबंधित फाइलें, भुगतान विवरण और परियोजना से जुड़े अभिलेख ग्राम पंचायत से मंगवाए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस परियोजना के लिए तीन अलग-अलग अनुमानों के आधार पर करीब 32 लाख रुपये का भुगतान हुआ है। साथ ही, मिट्टी भराई के लिए ₹1.34 लाख और मजदूरी के नाम पर ₹85 हजार रुपये जारी किए गए थे।
मनरेगा और ग्राम निधि से दोहरा भुगतान जांच के दायरे में
वहीं, यह भी जांच में है कि पार्क के समतलीकरण कार्य पर मनरेगा मद से ₹5.28 लाख खर्च होने के बावजूद, उसी कार्य के लिए ग्राम निधि से दोबारा भुगतान हुआ या नहीं। टीम यह भी देख रही है कि क्या एक ही मजदूरों को मनरेगा और ग्राम निधि दोनों से मजदूरी दी गई।
ग्राम निधि की राशि निजी खातों में ट्रांसफर किए जाने के आरोपों पर भी ग्राम सचिव से जवाब तलब किया गया है। जांच टीम ने संबंधित दस्तावेज और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह ने बताया कि स्थल पर भौतिक निरीक्षण पूरा हो चुका है, अब तकनीकी जांच सिंचाई विभाग द्वारा की जाएगी। सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अंतिम रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर यह मामला लंबे समय से चर्चा में है। ग्रामीणों ने पहले भी एक ही कार्य के लिए दोहरी मजदूरी और भुगतान के आरोप लगाए थे। अब जांच शुरू होने के बाद लोगों को कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।
रिपोर्ट – अश्वनी कुमार दुबे, महराजगंज
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