PaushPurnima: हिंदू धर्म में पौष पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र माना जाता है, इस दिन श्रद्धालु संगम (त्रिवेणी संगम) में स्नान कर अपने पापों से मुक्ति पाने का प्रयास करते हैं. लेकिन कई बार दूरी, मौसम या स्वास्थ्य की वजह से लोग संगम तक नहीं जा पाते, ऐसे में घर पर पूजा और स्नान करके भी पुण्य प्राप्त किया जा सकता है.
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घर पर पौष पूर्णिमा स्नान का महत्व
शास्त्रों में कहा गया है कि श्रद्धा और सही विधि से घर में किया गया स्नान भी संगम स्नान के समान पुण्य देता है, यह आत्मा की शुद्धि, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग है.
घर पर स्नान करने की विधि
साफ-सफाई और तैयारी, स्नान करने से पहले घर को साफ करें, दीपक और धूप का प्रबंध करें, साफ पानी में हल्का गंगाजल मिलाएं (यदि उपलब्ध हो).
स्नान का समय– सुबह का समय सबसे शुभ माना गया है, सूर्य उगने के समय स्नान करना श्रेष्ठ है.
स्नान करते समय मंत्रों का उच्चारण– “ॐ नमः शिवाय” या “ॐ गं गणपतये नमः” अगर गंगा जल हो तो और पुण्य बढ़ता है.
दान और दुराचार का त्याग– घर पर स्नान के बाद गरीबों और जरूरतमंदों को दान दें, संयमित और सच्चे मन से किया गया दान पुण्य बढ़ाता है.
पूजा के बाद स्नान- हल्के पानी में स्नान करें, स्नान के बाद सफाई और शांति का ध्यान रखें.
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