ग़ाज़ियाबाद, 1 जनवरी 2026। नये साल के अवसर पर ग़ाज़ियाबाद के शालीमार गार्डन स्थित 80 फुटा रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक अनूठी पहल की। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना, गुलाब का फूल और क़लम बाँटकर शांति, सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों का संदेश दिया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से महत्वपूर्ण इसलिए था क्योंकि इसी स्थान पर कुछ दिन पहले हिंदू रक्षा दल से जुड़े लोगों ने तलवार और फरसा बाँटने की घटना की थी, जिससे क्षेत्र में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ था।
कार्यक्रम का संयोजन और प्रमुख अतिथि
कार्यक्रम का संयोजन अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अकबर चौधरी ने किया। इसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम और अल्पसंख्यक कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शाकिर अली विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने हजारों राहगीरों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों को संविधान प्रस्तावना की प्रति, गुलाब का फूल और क़लम वितरित किया। राहगीरों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए खूब सराहा।
नेताओं के बयान: नफरत के खिलाफ एकजुटता
शाहनवाज़ आलम ने मीडिया से कहा, “पिछले वर्षों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठित तरीके से नफ़रत और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश चल रही है। कुछ तत्वों को राजनीतिक संरक्षण भी मिल रहा। कांग्रेस सड़कों पर उतरकर संविधान और भाईचारे का संदेश देगी।” अकबर चौधरी ने हथियार बाँटने की घटना का जिक्र कर मुख्य आरोपी पिंकी चौधरी की गिरफ़्तारी न होने पर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। शाकिर अली ने कहा, “एक तरफ तलवारें बाँटकर डर फैलाया जा रहा, वहीं हम गुलाब-क़लम से प्रेम का संदेश दे रहे। ईसाई समुदाय पर हमलों का भी जिम्मेदार असामाजिक तत्व हैं।”
शांति का प्रतीक और आगे की राह
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि संविधान एकता-अखंडता का आधार, क़लम ज्ञान-अहिंसा का प्रतीक और गुलाब प्रेम-सौहार्द का संदेश है। कार्यक्रम का उद्देश्य टकराव नहीं, समाज जोड़ना है। शांतिपूर्ण आयोजन संपन्न, कोई अप्रिय घटना नहीं। प्रशासन से कानून व्यवस्था की अपील। यह पहल सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने वाली बताई जा रही।
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