Aligarh : जनपद अलीगढ़ की कोतवाली सिविल लाइन क्षेत्र स्थित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के अध्यापक राव दानिश उर्फ रावजादा हिलाल वारिश की 24 दिसंबर 2025 की देर रात्रि गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए घटना का पर्दाफाश किया है, जबकि दो अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण पुलिस मुखबिरी का शक बताया जा रहा है। आरोपी सलमान और उसके साथियों ने साजिश के तहत शिक्षक की हत्या की योजना बनाई थी। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त स्कूटी और कार भी बरामद कर ली गई है।
देर रात एएमयू कैंपस के बाहर गोली से हत्या
घटना कोतवाली सिविल लाइन क्षेत्र की है। एएमयू के एबीके स्कूल के अध्यापक राव दानिश उर्फ रावजादा हिलाल वारिश निवासी अमीर निशा रोड ख्वाजा हिलाल हसन मंजिल, 24 दिसंबर 2025 की रात अपने साथियों के साथ कैनेडी हाल के ग्राउंड में टहलने के बाद वापस लौट रहे थे।
इसी दौरान जब वह कैंपस से बाहर निकल रहे थे, तभी स्कूटी पर सवार आए अज्ञात बदमाशों ने पिस्टल से एक के बाद एक राउंड फायरिंग कर दी। गोली लगने से राव दानिश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि हमलावर स्कूटी से फरार हो गए।
घटना के बाद मृतक के भाई की तहरीर पर कोतवाली सिविल लाइन थाने में हत्या की धारा 103(1), 109(1) के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नीरज कुमार जादौन ने स्वयं मौके का मुआयना करते हुए जांच टीम गठित की थी।
पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्य से मिला सुराग
एसएसपी द्वारा गठित टीम में थाना सिविल लाइन पुलिस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग नगर शामिल थे। टीम ने घटनास्थल से जुड़े सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस डेटा की मदद से साक्ष्य जुटाए।जांच के बाद पुलिस ने सिविल लाइन क्षेत्र के बीबी बिल्डिंग अमीर निशा गोश्त वाली गली सिंफल रेजिडेंसी निवासी सलमान पुत्र मुतिक कुरैशी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक KIA कार बरामद की गई।आरोपी सलमान की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की एक स्कूटी को थाना गभाना क्षेत्र के सड़क किनारे गड्ढे से बरामद किया गया।
मुखबिरी के शक में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त सलमान ने सनसनीखेज खुलासा किया। उसने बताया कि वर्ष 2018 में साबेज पुत्र अजमत की हत्या के मामले में उसके साथी जेल गए थे, और उन्हें शक था कि इस मामले में एएमयू अध्यापक राव दानिश ने पुलिस को सूचना दी थी।
यही वजह थी कि मुखबिरी के शक में सलमान, फहाद पुत्र रफतअल्लाह और यासिर उर्फ यासर पुत्र रफतअल्लाह (दोनों निवासी ओखला दिल्ली) ने शिक्षक की हत्या का प्लान बनाया। 23 दिसंबर 2025 को सलमान ने अपने दोनों दोस्तों को ओखला से अलीगढ़ बुलाया, जो अपने साथ पिस्टल लेकर आए थे। सलमान ने उन्हें अपने फ्लैट में ठहराया और अगले दिन हत्या की साजिश को अंजाम दिया।
वारदात से लेकर फरारी तक का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 24 दिसंबर को तीनों ने मेडिकल रोड से पहले फ्लैट की पार्किंग में एक स्कूटी खड़ी की। सलमान ने अपने दोनों साथियों को मेडिकल रोड पर छोड़ दिया, जबकि फहाद और यासिर एएमयू की ओर बढ़े।
कैंपस में कैन्टीन के पास दोनों ने राव दानिश पर गोलियां बरसाईं और हत्या के बाद स्कूटी से भाग निकले। पुरानी चुंगी वाले पुल पर सलमान पहले से मौजूद था, जिसने फहाद को अपनी कार में बैठा लिया, जबकि यासिर स्कूटी लेकर गभाना टोल तक पहुंचा। गभाना टोल से पहले स्कूटी को सड़क किनारे खाई में फेंक दिया गया और तीनों बदमाश कार से ओखला, दिल्ली भाग गए।
पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में यह भी पता चला कि सलमान का साथी जुबैर पुत्र रफतउल्लाह एक अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उसका पुराना आपराधिक इतिहास भी है। पुलिस अब जुबैर और अन्य संभावित साथियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है। फिलहाल मुख्य आरोपी सलमान जेल भेज दिया गया है, जबकि दोनों फरार अभियुक्तों फहाद व यासिर की तलाश ओखला व आसपास के इलाकों में जारी है। पुलिस का कहना है कि वारदात की सच्चाई पूरी तरह सामने आने तक जांच जारी रहेगी।
रिपोर्ट – आशीष वार्ष्णेय, अलीगढ
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