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ReligiousKnowledge: गणेश जी को मोदक क्यों चढ़ाया जाता है?

GaneshModak: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना गया है. किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा की जाती है और भोग में विशेष रूप से मोदक अर्पित किया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर गणेश जी को मोदक ही क्यों चढ़ाया जाता है? इसके पीछे गहरी धार्मिक, पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हैं.

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पौराणिक कथा: मोदक और बुद्धि का वरदान
पुराणों के अनुसार, एक बार देवर्षि नारद मुनि भगवान शिव और माता पार्वती के पास एक दिव्य मोदक लेकर पहुंचे, नारद ने कहा कि यह मोदक खाने वाले को असीम ज्ञान और बुद्धि प्राप्त होती है. माता पार्वती ने वह मोदक अपने दोनों पुत्रों गणेश और कार्तिकेय को देने का निर्णय लिया.

इसके लिए एक प्रतियोगिता रखी गई कि जो पहले पूरी पृथ्वी की परिक्रमा करेगा, वही मोदक का अधिकारी होगा. कार्तिकेय तुरंत अपने वाहन पर निकल पड़े, जबकि गणेश जी ने अपने माता-पिता की परिक्रमा कर ली और कहा कि माता-पिता ही मेरे लिए पूरा संसार हैं, इस बुद्धिमत्ता से प्रसन्न होकर माता पार्वती ने मोदक गणेश जी को दे दिया. यही कारण है कि मोदक को बुद्धि, विवेक और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है.

धार्मिक मान्यता: मनोकामना पूर्ति का प्रतीक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त श्रद्धा से गणेश जी को मोदक का भोग लगाता है, उसके विघ्न दूर होते हैं, बुद्धि और विवेक बढ़ता है, कार्यों में सफलता मिलती है, इसीलिए गणेश चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी पर मोदक का विशेष महत्व है.

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