मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश : के मुरादाबाद से रिश्तों को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बीमार भाई की लाचारी का फायदा उठाकर उसकी सगी बहन और बहनोई ने डिजिटल तरीके से 1 करोड़ 40 लाख रुपये की चपत लगा दी। मझोला थाना इलाके के प्रीत विहार कॉलोनी निवासी कारोबारी मनोज रस्तोगी ने विश्वास के साथ अपना मोबाइल फोन बहन सीमा और बहनोई जितेश को सौंपा था, लेकिन यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुई।
अस्पताल में भर्ती भाई का फोन दुरुपयोग
मनोज रस्तोगी गंभीर बीमारी के कारण दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती थे। उपचार के दौरान सुरक्षा और संपर्क के लिए उन्होंने अपना फोन परिवार के सदस्यों को दे दिया। आरोप है कि इसी फोन के जरिए बहन सीमा और जितेश ने उनके डिजिटल वॉलेट और बैंकिंग ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर खाते से भारी रकम ट्रांसफर कर ली। 18 दिसंबर को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी आरोपियों ने फोन लौटाने में जानबूझकर देरी की, ताकि सात किश्तों में कुल 1.40 करोड़ रुपये निकाल सकें। 25 दिसंबर को फोन मिलने पर बैंक स्टेटमेंट देखकर मनोज के होश उड़ गए।
साइबर थाने में शिकायत, मुकदमा दर्ज
17 से 24 दिसंबर के बीच हुई साजिश में सारा पैसा सीमा रस्तोगी के खाते में ट्रांसफर हुआ, जो बैंक स्टेटमेंट से पुष्ट हो गया। आहत मनोज ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर पुलिस ने ‘अमानत में खयानत’ की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री से सबूत जुटा रही है। पीड़ित ने बताया कि भाई-बहन के रिश्ते पर यह विश्वासघात करारा प्रहार है।
डिजिटल धोखाधड़ी का नया तरीका
यह मामला डिजिटल युग में पारिवारिक विश्वास पर सवाल खड़े करता है, जहां मोबाइल फोन के जरिए बैंकिंग ऐप्स से रकम उड़ाना आसान हो गया है। मुरादाबाद पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधों में सख्ती बरती जाएगी। मनोज रस्तोगी ने परिवार से रिश्ते तोड़ने की बात कही है और पुलिस से पूरी कार्रवाई की मांग की है।
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