महराजगंज जनपद के शिवपुर रजवल गांव की रहने वाली 25 वर्षीय किरण यादव की प्रसव के बाद एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
HighBloodPressure: कंट्रोल होगा 10 टिप्स नेचरोपैथी इलाज
जानकारी के अनुसार, गांव की आशा कार्यकर्ता किरण यादव को प्रसव के लिए सिसवनिया स्वास्थ्य केंद्र से एक निजी अस्पताल लेकर गई थीं। इस दौरान उनके पति भोलू यादव और सास भी साथ में मौजूद थे। परिजनों का कहना है कि बीते दिन शाम करीब 7 बजे महिला का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद से ही उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई, लेकिन समय पर सही इलाज नहीं मिला। दोपहर करीब 3 बजे महिला की मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया और महराजगंज चौक मार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे सड़क पर आवागमन ठप हो गया। परिजनों ने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने पर सदर कोतवाल निर्भय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को समझाया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।
HighBloodPressure: 10 बातों का रखें खास ध्यान, डॉक्टर की राय
ठाकुर आरोग्यम हॉस्पिटल, चौक रोड में हुई इस घटना पर उप जिलाधिकारी सदर ने बताया कि इलाज में लापरवाही के आरोपों को देखते हुए मामले की जांच कराई जा रही है।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है। इस टीम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीरेन्द्र आर्या, जिला संयुक्त चिकित्सालय के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार सिंह और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल के डॉ. शांति विजय मिश्रा शामिल हैं। टीम को तुरंत जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोषी पाए जाने पर नियम के अनुसार कार्रवाई की जा सके।
नर्सिंग होम अर्थात प्राइवेट हॉस्पिटल क्या इन मानकों पर चल रहे हैं?
ऑपरेशन वाले नर्सिंग होम के लिए योग्य डॉक्टर (सर्जन, एनेस्थेटिस्ट) ऑन-कॉल, पर्याप्त प्रशिक्षित नर्सें (RNs, CNAs), आधुनिक मेडिकल उपकरण, साफ़-सुथरा वातावरण, आपातकालीन सुविधाएँ और स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (जैसे क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट) से पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और लाइसेंस होना ज़रूरी है, साथ ही आग और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति (NOCs) भी अनिवार्य है, ताकि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित हो सके।
मुख्य अहर्ताएँ (Qualifications & Requirements):
स्टाफ (कर्मचारी):
सर्जन और एनेस्थेटिस्ट: ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित सर्जन और एनेस्थेटिस्ट का ऑन-कॉल या मौके पर उपलब्ध होना ज़रूरी है, खासकर आपातकालीन मामलों के लिए।
रजिस्टर्ड नर्सेज (RNs): योग्य और लाइसेंस प्राप्त RNs का होना ज़रूरी है जो 24×7 देखभाल प्रदान कर सकें, ।
सर्टिफाइड नर्सिंग असिस्टेंट (CNAs): मरीजों को दैनिक गतिविधियों (नहाना, खाना, आदि) में मदद के लिए, ।
अन्य स्टाफ: पर्याप्त स्टाफ-टू-रेसिडेंट रेशियो बनाए रखना, ताकि हर मरीज पर ध्यान दिया जा सके, ।
सुविधाएँ और उपकरण (Facilities & Equipment):
ऑपरेशन थिएटर (OT): आधुनिक और साफ-सुथरा ऑपरेशन थिएटर, पर्याप्त रोशनी और ज़रूरी उपकरणों के साथ, ।
मेडिकल उपकरण: दवा प्रबंधन, घाव की देखभाल, और अन्य ज़रूरतों के लिए आवश्यक उपकरण, ।
आपातकालीन सुविधाएँ: आपातकालीन सर्जरी और जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता, ।
अग्निशमन सुरक्षा (Fire Safety): फायर डिपार्टमेंट से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और स्वास्थ्य विभाग से लाइसेंस, ।
कानूनी और पंजीकरण (Legal & Registration):
क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन) एक्ट: भारत में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट, 2017 के तहत पंजीकरण ज़रूरी है, ।
लाइसेंस: राज्य सरकार और स्थानीय निकायों से सभी आवश्यक लाइसेंस और अनुमतियाँ प्राप्त करना, ।
देखभाल का स्तर (Level of Care):
मरीजों के मेडिकल इतिहास और ज़रूरत के अनुसार डॉक्टर के आदेश पर ही एडमिशन,
सहारा समय का सीधा सवाल- हादसे के बाद क्यों जागते हैं अफसर? महराजगंज के अवैध प्राइवेट हॉस्पिटल किनके मेहरबानी से चल रहे हैं?
महराजगंज से सहारा समय के लिए अश्वनी कुमार दुबे

























