Winter Tips: सर्दियों में ठंड से बचने के लिए ज्यादातर लोग कंबल या रजाई से पूरा मुंह ढककर सो जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करने से आपका शरीर कई तरह के वैज्ञानिक खतरों का सामना करता है. मुंह ढककर सोना न केवल ऑक्सीजन की कमी पैदा करता है, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ा देता है.
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क्या होता है जब आप कंबल से मुंह ढककर सोते हैं?
ऑक्सीजन की कमी (Low Oxygen Level)
मुंह ढकने से स्वच्छ हवा का प्रवाह रुक जाता है और आप बार-बार वही हवा सांस में लेते हैं जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) ज्यादा होती है, इससे ऑक्सीजन कम और CO₂ ज्यादा हो जाती है, जो सिरदर्द, थकान और चक्कर जैसी समस्याएँ बढ़ाती हैं.
कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ने से हो सकता है ब्रेन फॉग
लगातार CO₂ वाली हवा में सांस लेने से दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती. मानसिक भ्रम, फोकस की कमी और ब्रेन फॉग की स्थिति बन सकती है.
एलर्जी और इन्फेक्शन का खतरा
कंबल में धूल के कण (Dust mites), बैक्टीरिया और एलर्जन मौजूद होते हैं, मुंह ढककर सोने पर ये सीधे आपकी सांस की नली में जाते हैं, जिससे अस्थमा का खतरा, एलर्जिक रिएक्शन, सर्दी-खांसी बढ़ने की संभावना.
शरीर का तापमान असंतुलित होता है
जब आप मुंह ढक लेते हैं, तो शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, इससे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है. Heart rate तेज हो सकता है, नींद की क्वालिटी खराब होती है.
बेडरूम में मौजूद ऑक्सीजन की सर्कुलेशन रुक जाती है
कंबल के भीतर बंद माहौल बनता है, ताज़ी हवा अंदर नहीं जा पाती, सांस लेने में बाधा आती है, “sleep suffocation” जैसे जोखिम भी बढ़ सकते हैं.
विशेषज्ञों की क्या सलाह है?
कंबल से कंधे तक ढकें, लेकिन मुंह और नाक खुली रखें, कमरे में हल्की वेंटिलेशन रखें, नाक ढकने की आदत हो तो हल्का, ढीला कंबल इस्तेमाल करें, साफ और धुले हुए कंबल का उपयोग करें ताकि एलर्जी कम हो.
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